संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
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| मी जरा बोलायला गेलो कुठे | निलेश कालुवाला | |
| आवाज आसवांचा | आदित्य_देवधर | |
| देशील मला तू अश्रू.... | जनार्दन केशव म्हात्रे | |
| गेल्यात रे चकोरा बाटून या सरी... | ह बा | |
| झेलू | अनिल रत्नाकर | |
| वाहलो मी | अनिल रत्नाकर | |
| काय झाले जरी गेला तडा | जयन्ता५२ | |
| नको तेच झाले | क्रान्ति | |
| जागू नको | अनिल रत्नाकर | |
| सहज फिराया आलेला सासरला श्रावण. | ह बा | |
| ..ते मोहरू | अनिल रत्नाकर | |
| कोडे | आदित्य_देवधर | |
| गरीबाला कुठे सांगा कुणाला टाळणे येते? | ह बा | |
| श्वास झालो | अनिल रत्नाकर | |
| हेच असे असते जगणे... | अजय अनंत जोशी | |
| ..काय मी | अनिल रत्नाकर | |
| छानपैकी जगून गेलो मी..... | बेफिकीर | |
| रहस्ये गाडली गेली तळाशी | सोनाली जोशी | |
| अधाशी.... | ameeeeet | |
| तुझ्या केसात | आदित्य_देवधर |