संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| तुझ्या आठवांना उजाळाच देतो... | बहर | |
| नसतीच आसवे तर.... | ह बा | |
| सरळ वागून ती वागली वाकडी | निलेश कालुवाला | |
| वेदना | अनिल रत्नाकर | |
| तुकारामा उगा तू काढली पाण्यातुनी गाथा | ह बा | |
| वस्ती..! | विसोबा खेचर | |
| देखावे.. | विसोबा खेचर | |
| ती काळजीत असते... | ह बा | |
| ~ प्रेम माझे साफ झाले ~ | Ramesh Thombre | |
| ~ या दिलाचे .... ~ | Ramesh Thombre | |
| मुलगी | बापू दासरी | |
| तरी हुंदक्यांना गिळावे किती? | गंगाधर मुटे | |
| बंद दिवसाच्या घराचे दार ... | वैभव देशमुख | |
| कालचा पाऊस | आनंदयात्री | |
| जळात राहुन माशासोबत असे भांडणे बरे नव्हे | कैलास | |
| तिजोरी | आदित्य_देवधर | |
| अपघात काय घडला? | ह बा | |
| होतीस तू | अनिल रत्नाकर | |
| ना ते | अनिल रत्नाकर | |
| किमया | प्रदीप कुलकर्णी |